Last updated: January 26th, 2026 at 10:46 pm

झारखंडेपी के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू की हज़ारीबाग़ में सरस्वती प्रतिमा के साथ हुई हिंसा ने कोंग राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और प्रशासन के ख़िलाफ़ आंदोलन का बीजारोपण कर दिया है। दुमका पहुंचे आदित्य साहू ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं, यह एक सोची समझी साजिश के तहत समझौता है.
अदित साहू ने हज़ारीबाग़ की घटना पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि जुलूस के दौरान एक खास समुदाय की ओर से पथराव किया गया था. उन्होंने लिखा कि हिंसा नहीं रुकी, हर सुबह उपद्रवी हथियार लेकर लोगों के घरों में घुस जाते हैं. इस हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, कई अन्य घायल हो गए.
साहू ने अदालत कक्ष में खड़े स्थानीय प्रशासक से कहा, “आखिरकार, यह तकनीक किसके निर्देश पर काम कर रही है? जब हम घर पर हैं, तो पुलिस ने कहा?” उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समस्याओं से तत्काल और सख्ती से नहीं निपटा गया तो भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और स्थिति बिगड़ने की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी.
आदित्य साहू ने हज़ारीबाग़ के अलावा राजनीतिक मोर्चे पर भी अपनी धाक जमाई. उन्होंने दावा किया है कि जिस बीजेपी ने बिहार समेत अन्य राज्यों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, वही इतिहास बंगाल में भी मजबूत होगा.
साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम क्यों और किस गलत मकसद से बाहर गये हैं, यह राज्य की जनता से दूर नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी खोजपूर्ण यात्रा से झारखंड को क्या फायदा होगा?
सबसे पहले दुमका आगमन और सच्चा साहू कार्य आदि लोगों ने स्वागत किया. इंडोर स्टॉक में आयोजित समारोह में जरमू विधायक दिलीप कुंडी समेत कई पूर्व मीडियाकर्मी और विधायक शामिल हुए. साहू आगामी चुनावों के लिए कमर को बुलाए गए कार्यों की भारी संख्या को संबोधित करते हैं।
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